बिहार: मीठापुर से रामगोविन्द सिंह महुली हाॅल्ट तक एटग्रेड/एलिवेटेड पथ का निर्माण कार्य शुरू

पटना, अप्रैल 17, 2021: पटना-गया रेलवे लाईन के पूर्व में मीठापुर से रामगोविन्द सिंह महुली हाॅल्ट तक एटग्रेड/एलिवेटेड पथ का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।  इस परियोजना की कुल लागत 668.79 करोड़ है।

ज्ञात हो कि इस परियोजना की कुल लम्बाई 8.86 किमी है तथा मीठापुर फ्लाईओवर के दक्षिण पश्चिम लेन से शुरू होकर महुली में प्रस्तावित आरओबी के  निकट यह समाप्त होगा। मीठापुर, सिपारा, एतवारपुर, कुरथौल, परसा, महुली बसावट के आवागमन में सुविधा होगी। विगत 25 मार्च को मुख्यमंत्री के द्वारा मीठापुर से महुली तक निर्मित होने वाली एटग्रेड/एविलेटेड पथ के एलाइनमेंट का दौरा किया गया था।

पथ निर्माण मंत्री नितीन नवीन ने बताया कि मुख्यमंत्री के द्वारा इसके डिजाईन में कुछ बदलाव देने का निर्देश दिया गया था। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि एनएच-30 के ऊपर डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाए। पूर्व में प्रस्तावित सिपारा गुमटी के ऊपर आरओबी जो उत्तर से दक्षिण जाने के लिये था, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब दोनों तरफ आवागमन हेतु ROB का निर्माण किया जाना है। उन्होंने परसा, सम्पतचक के लिये भी एलिवेटेड पथ से संपर्क देने का निर्देश दिया था साथ हीं परसा में आरओबी का निर्माण किया जाए।

इस संबंध में नितिन नवीन ने बताया कि उपर्युक्त के संबंध में बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लि के अभियंताओं को निर्देश दिया गया है, तथा फिसिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट के पश्चात परियोजना में नये घटकों को जोड़ने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई यथाशीघ्र की जाए। परियोजना में अबतक हुए प्रगति के संबंध में पंकज कुमार, प्रबंध निदेशक द्वारा बताया गया कि इस परियोजना में कुल 11 एकड़ भूमि अधिग्रहित रैयतों से की जानी है।

सिपारा, रहिमपुर, परसा, खपरैलचक और नत्थुपुर गांव में रैयतों से भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इस संबंध में  जिला भू-अर्जन कार्यालय, पटना से अधिसूचना धारा 11 (i) के अन्तर्गत किया जाना है जो प्रक्रियाधीन है। शेष कार्य अगले एक महीने में पूर्ण करने का लक्ष्य है।

सरकारी जमीन पूर्व में बिहार राज्य सरकार के द्वारा निर्मित सड़क के किनारे अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त लगभग पूर्ण किया जा चुका है। इससे पूर्व सरकार अमीन के द्वारा राज्य सरकार की भूमि को नापी कर चिन्हित किया गया था तथा कर्मचारी द्वारा उद्घोषणा कराई गई तथा अतिक्रमणकारियों से व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया था तत्पश्चात् जिला प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण मुक्त कराया गया इसमें कच्चे एवं पक्के मकान सम्मिलित थे तथा अस्थायी आवंटियों को भी हटाया गया।

कुमार द्वारा बताया गया कि मिट्टी जांच का कार्य चल रहा है तथा पाईल के डिजाइन के लिये पाईल लोड टेस्टिंग का भी कार्य चल रहा है। मार्ग रेखन में आ रहे पेड़ों के ट्रांसलोकेशन का कार्य भी जल्द पूर्ण करा लिया जायेगा।

बताया गया कि यह पथ 4-लेन कॉरिडोर का एक भाग होगा। यह 4-लेन काॅरिडोर पटना से गया, गया से बिहारशरीफ, बिहार शरीफ से बख्तियारपुर एवं बख्तियारपुर से पटना एनएच-83, एनएच-82, एनएच-31 एवं एनएच-30 होते हुए विकसित होगा। यह एक डेडिकेटेड 4-लेन सड़क बौद्ध तीर्थ स्थल गया एवं राजगीर को सम्पर्कता भी प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस पथ के निर्माण होने से पटना से गया एवं गया से पटना जाम मुक्त यातायात में सुविधा प्रदान करेगी।

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