बिहार: नेता और माफियाओं की मिलीभगत से ऑक्सीजन सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग हो रही: पप्पू यादव

पटना, अप्रैल 16, 2021: प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार की निष्क्रियता के कारण कोरोना अब बेकाबू हो गया है। मरीज सड़क पर दम तोड़ रहे हैं और परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भाग रहे हैं लेकिन कहीं बेड नहीं मिल रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन और दवाओं की भारी कमी है। दवा माफियाओं और नेताओं की मिलीभगत से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा निजी हाथों में जा रही है। उक्त बातें जन अधिकार पार्टी (लो०) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कही।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि हमारे देश में हमेशा धर्म की राजनीति होती है, कभी कोई अस्पताल और स्वास्थ्य व्यवस्था की राजनीति नहीं करता। इस कारण आज हालात इतने भयावह हो गए हैं। बिहार में रोजाना सैकड़ों मौतें हो रही है। सिर्फ पारस में ही रोजाना 25 मौतें हो रही है। सरकार मौत और कोरोना पॉजिटिव मरीजों, दोनों के आकंड़े छुपा रही है।

सरकार पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जब सरकार को पता था कि दूसरी और तीसरी लहर आने वाली है तो तैयारी क्यों नहीं की गई? कोरोना से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड बनाया गया था जिसमें सैकड़ों करोड़ रुपए जमा हुए, वो पैसे कहाँ गए? रेमेडेसिविर आज 25,000 रुपये में मिल रही है जिसकी कीमत 8000 रुपये है। यह दवाई कहीं नहीं मिल रही है।

पप्पू यादव ने कहा कि लिक्विड गैस को बढ़ाने के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। अभी सिर्फ एक गाड़ी मिल रही है जबकि बिहार को रोजाना तीन गाड़ी की जरूरत है। मरीजों को एम्बुलेंस नहीं मिल रहे हैं। सारा गैस और दवा माफिया और नेताओं के मिलीभगत से कुछ चुनिंदा जगहों पर जा रहा है।

कोरोना काल में हो रहे चुनाव पर बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि संक्रमण काल में बंगाल में आठ चरण में चुनाव क्यों कराए जा रहे हैं? चुनाव आयोग का यह कारनामा देश के हित में नहीं है। जब परीक्षा रद्द हो सकती हैं तो चुनाव क्यों नहीं रद्द हो सकते?

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