जयपुर: कोविड महामारी में राज्य सरकार का रहा कुशल प्रबंधन

जयपुर, 24 अप्रैल 2021: प्रदेश में कोविड महामारी के दूसरे चरण में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के दृष्टिगत हॉस्पिटल बेड एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर दो कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
बेड कंट्रोल रूम द्वारा सूचना एवम प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से बनाये गए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों में उपलब्ध यथा सामान्य, ऑक्सीजन सहित विथ वेन्टिलेटर आईसीयू व आईसीयू विदआउट वेन्टिलेटर बेड्स की वास्तविक स्थिति की मॉनिटरिंग 24 बाय 7 की जा रही है। बेड कंट्रोल रूम स्थापित करने के 3 दिन  में ही राज्य भर में कोविड अस्पतालों की संख्या 376 हो गयी है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कोविड मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में 40 एवं 60 प्रतिशत बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस कारण अस्पतालों में विभिन्न श्रेणियों में जैसे सामान्य, ऑक्सीजन सहित, आईसीयू विथ वेन्टिलेटर और आईसीयू सहित कुल बेड्स की संख्या 26000 से बढ़कर लगभग 30,000 हो गई है। इसके अलावा जहां आवश्यकता है वहां और अस्पतालों को भी कोविड मरीजों के उपचार के लिए जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई जरूरत मंद मरीज अस्पताल में उपचार से वंचित ना रहे।
जिन मरीजों को कोविड के सामान्य लक्षण हैं तथा उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है उनके लिए पृथक कोविड केयर सेंटर बनाये हैं, जिससे अस्पतालों में अनावश्यक कार्यभार न बढ़े एवं गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधन पर्याप्त रूप से उपलब्ध हो सकें।
श्री महाजन ने बताया कि इन अस्पतालों की नियमित मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर पर भी बेड एवं ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग 3 सदस्यीय 2 टीमें बनाई गई हैं, जो वहां नियमित निरीक्षण कर बेड की स्थिति तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी ले रही हैं। ये दोनों टीमें आपस में समन्वय में कार्यरत हैं।
अस्पतालों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिए राज्य स्तर पर स्थापित ऑक्सीजन कंट्रोल रूम द्वारा चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की कार्यवाही की जा रही है।
दोनों कंट्रोल रूम की निगरानी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों द्वारा की जा रही है एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा द्वारा स्वयं लगातार स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। इस संबंध में समय समय पर जिला अधिकारियों के साथ भी वीसी के माध्यम से बैठकें आयोजित कर निगरानी की जा रही है एवं आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।

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