भारत जल्द लेगा राहत की सांस , वैज्ञानिकों के अनुसार, इस महीने पीक पर आ सकता है कोरोना

नई दिल्ली, 08 मई, 2021: कोरोना की दूसरी लहर काफी तेजी से बढ़ता जा रहा रहा है। मगर इन सब के बीच एक राहत भरी खबर आ रहीं है। बताया जा रहा है कि इस महीने कोरोना अपने पीक पर है, मगर जून में संक्रमण में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देने वाली एक्सपर्ट्स की एक टीम ने यह आशंका जताई है कि आने वाले कुछ दिनों में भारत में कोरोना वायरस अपने पीक पर होगा।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के आंकड़ो को कम करके बताया जा रहा है क्योंकि देश भर में श्मशान घाट पर मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए लम्बी लाइन लगी हुई है और अस्पतालों में कोरोना संक्रमितो की भीड़ लगी हुई है। इस वजह से कोरोना के सही पीक का अंदाजा लगाना मुश्किल है। मगर फिर भी ये अनुमान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से बच रहे हैं और इसके बदले कोरोना के चेन को तोड़ने के लिए राज्य सरकारे पाबंदिया लगा रहे है।

रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर माथुकुमल्ली विद्यासागर का यह अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में कोरोना अपने पीक पर होगा। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल द्वारा तैयार मॉडल का हवाला देकर उन्होंने कहा कि मौजूदा अनुमान के अनुसार, जून के अंत तक रोज 20 हजार केस देखने को मिल सकता है। उन्होंने ये भी कहा की जरूरत के अनुसार वे इसे संशोधित करेंगे।

अगर यह दावा सही निकला तो कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में आए भारत के लिए राहत की बात होगी, क्योंकि अभी देश में एक दिन में करीब चार लाख से अधिक केस सामने आ रहे है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ो के अनुसार, बीते तीन दिनों से लगातार भारत में कोरोना के चार लाख से अधिक मामले आ रहे है और रोजाना मृतकों की संख्या चार हजार आकड़ा पार कर चूका है।

मगर, अप्रैल में विद्यासागर के टीम का अनुमान गलत हुआ। उनकी टीम का मानना था कि अप्रैल के मध्य तक कोरोना का पीक आएगा। कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है, इसलिए गलत पैरामीटर के कारण यह अनुमान गलत हो गया। हाल में ही दो और दावा किया गया, जिसमें एक में कहा गया की कोरोना का पीक 3-5 मई तक आ जाएगा वही दूसरे अनुमान में यह कहा गया की 7 मई को कोरोना का पीक आएगा। मगर ये अनुमान अब तक सही साबित नहीं हुआ है।

 बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों का यह दावा है की आने वाले कुछ दिन भारत के लिए संकट भरा है। बेंगलुरु में स्थित आईआईएस की टीम ने मैथमेटिकल मॉल के आधार पर ये माना है की यदि भारत की स्थिति यही रहीं तो 11 जून तक 404,000 मौत हो सकती है। फिलहाल भारत में कोरोना से अपनी जान गवाने वाले लोगों का आंकड़ा दो लाख के पार हो चूका है।

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