कोविड-19 प्रबंधन पर राज्य और जिला अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ

नई दिल्ली, 18 मई 2021: साथियों,

आप सभी ने कोरोना की सेकेंड वेव से मुकाबले में बहुत परिश्रम से काम किया है और लगातार कर रहे हैं।आपमें से कई लोग ऐसे हैं जो खुद कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद अपने जिले में स्थिति संभालने के लिए लगातार काम करते रहे। इससे जिले में अन्य लोगों का हौसला भी बढ़ा और आपसे प्रेरणा भी मिली। बहुत से ऐसे हैं जो कई-कई दिनों तक घर नहीं जा पाए, अपने घरवालों से नहीं मिल पाए। कई लोगों ने अपने परिवार के अहम सदस्यों, अपने करीबियों को खोया भी है।इस मुश्किल के बीच, आपने अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अभी आपमें से कई साथियों से अपने अनुभव सुनने का मुझे अवसर मिला हैं। वैसे मेरे सामने काफी लोग हैं। तो ये हरेक को तो संभव नहीं हुआ है। लेकिन हरेक के पास कुछ न कुछ नया था। कुछ न कुछ Innovative था। और अपने तरीके से रास्ते खोजे थे। और सफलता के लिए ये ही सबसे बड़ा काम होता है। कि आप मूलभूत विचार को कितना localize बना करके set करके उसका उपयोग करते हैं। कई अच्छे Innovative रहे हैं। जिन लोगों को आज बता करने का मौका नहीं मिला है। उनके पास भी बहुत कुछ होगा। मेरा आप सब से आग्रह है कि आप बिना संकोच आपको लगता है कि जो चीज आपने अच्छी की है, अच्छे ढ़ग से की है, वो मुझे जरूर भेजिये लिखकर के। मेरे तक पहुंचाइए। और में इसका अन्य जिलों में उपयोग केसे हो इसकी जरूर चिंता करुंगा। क्योंकि आपकी मेहनत आपके Innovations ये देश के भी काम आने चाहिए। और मुझे विश्वास है आज जितनी बातें मेरे सामने आई हैं। ऐसी बहुत सी बाते हैं। जो हमे काम आएगी। और इसलिए मैं आपसे इंतजार करूंगा। कि आप अपनी कुछ चीजें जरूर मुझे मैसेज शेयर करिये। आपके हर प्रयास की मैं भूरी भूरी प्रशंसा करता हूं सराहना करता हूं।

साथियों,

हमारे देश में जितने जिले हैं, उतनी ही अलग-अलग चुनौतियाँ भी हैं। एक तरह से हर जिले के अपने अलग challenges हैं।आप अपने जिले के challenges को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं। और इसलिए, जब आपका जिला अगर जीतता है, तो मतलब देश जीतता है। जब आपका जिला कोरोना को हराता है, तो देश कोरोना को हराता है। इसलिए जिले का मिजाज गांव-गांव मैसेज के मेरा गांव मैं कोरोना मुक्त रखुंगा। मेरे गांव में मैं कोरोना को प्रवेश नहीं करने दू्ंगा। ये गांव के लोग संकल्प लें और गांव के लोग जिस प्रकार से व्यव्स्था करते हैं। मैं तो हैरान था पिछले बार जबकि ये कालखंड था। और पता नहीं था कि स्थिति में कैसे करना, फिर भी हमने गांव में agriculture sector के लिए कोई लॉकडाउन नहीं लगाया था। और मजा ये है कि खेतों में गांव के लोग काम करते थे तो खेत में भी social distancing के साथ खेती के काम शुरू किए थे। पिछली बार आपको याद होगा मतलब हमारे गांव कितनी तेजी से संदेश को पकड़ भी लेते हैं और अपनी जरूरत के हिसाब से उसको modify करके पक्का कर लेते हैं। गांव की ये ताकत है, मैने देखा है आज भी कई गावों ने अपने यहां आना जाना सब बहुत अच्छे ढ़ग से manage किया है। गांव की जरूरत के लिए एक ये दो लोग बाहर जाते हैं। चीजें लेकर के आते हैं। गांव में बाट देते हैं। और गांव में से कोई मेहमान भी आए तो उसको पहले बाहर रखते हैं। गांव की अपनी एक ताकत होती है। उस ताकत का अपना एक उपयोग होता है। और में साथियों कहना चाहुंगा कि कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आप सब लोग एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका में है। आप एक तरह से इस युद्ध के field commander हैं। जैसा की किसी भी युद्ध में होता है field commander बड़ी योजना को मूर्तरूप देता है, जमीन पर उस लड़ाई को लड़ता है, परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेता है। आप सब भारत की इस लड़ाई के महत्वपूर्ण field commander के रूप में आज नेतृत्व संभाल रहे हैं और इस वायरस के खिलाफ हमारे हथियार क्या हैं? हमारे हथियार हैं- Local containment zones, aggressive testing और लोगों तक सही और पूरी जानकारी। हॉस्पिटल्स में कितने बेड्स उपलब्ध हैं, कहाँ उपलब्ध हैं, ये जानकारी आसानी से उपलब्ध होने पर लोगों की सहूलियत बढ़ती है। इसी तरह, कालाबाजारी पर लगाम हो, ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, या फ्रंटलाइन वर्कर्स का morale high रखकर उन्हें mobilise करना हो, एक फील्ड कमांडर के रूप में आपके प्रयास,कमांडर के रूप में आपके प्रयास पूरे जिले को मजबूती देते हैं। फ्रंटलाइन वर्कर्स को आपके कंडक्ट और एक्शन से हमेशा प्रेरणा मिलती है। मिलती है, उनका भरोसा और बढ़ता है। मैं आपसे एक और बात कहना चाहूंगा। इसलिए, अगर आपको कहीं लगता है कि सरकार द्वारा बनाई पॉलिसी में जिला स्तर पर किसी इनोवेशन की जरूरत है, उस इनोवेशन से पॉलिसी को ताकत मिलेगी, तो मेरा आपको खुली छूट है। उसे जरूर करिए। अगर ये इनोवेशन आपके जिले की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से है, तो उसे उसी हिसाब से करिए। अगर आपको लगता है कि आपने जो इनोवेशन किया है, वो पूरे प्रदेश के लिए, या पूरे देश के लिए beneficial है, तो उसे सरकार तक भी पहुंचाइए। अगर आपको अपने अनुभवों से, तेजी से बदलती परिस्थितियों के हिसाब से policies में किसी सुधार की जरूरत लगती है, तो उसका भी feedback जरूर पहुंचाएँ। बिना संकोच पहुंचाये। क्योंकि ये लड़ाई ऐसी है कि हम सब मिलकर के सोचेंगे, सब मिलकर के नई-नई चीजें लाएंगे। तब जाकर के हम कर पाएंगे।

साथियों,

आपके जिले की सफलता बाकी जिलों के लिए एक उदाहरण बन सकती है, उनकी भी मदद कर सकती है। कोरोना से निपटने के लिए जो भी बेस्ट प्रैक्टिसेज हैं उनको भी हमें अडॉप्ट करते चलना है। आपके बहुत से साथी ऐसे जिलों में होगें जहां कोरोना संक्रमण पीक पर पहुंचने के बाद अब कम हो रहा है। आपके बहुत से साथी, ऐसे जिलों में होंगे जहां कोरोना संक्रमण, उनके अनुभवों से सीखकर आप अपने जिलों में अपनी रणनीति को और मजबूत करते रहेंगे तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई और आसान होगी।

साथियों,

इस समय कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के आंकड़े कम हो रहे हैं। कई राज्यों में बढ़ भी रहे हैं। साथियों,कम होते आंकड़ों के बीच हमें ज्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। बीते एक साल में करीब-करीब हर मीटिंग में मेरा यही आग्रह रहा है कि हमारी लड़ाई एक एक जीवन बचाने की है। एक- एक जीवन बचाने की है। हमारी जिम्मेदारी संक्रमण को फैलने से रोकने की भी है और ये तभी संभव है जब हमें संक्रमण की स्केल की सही जानकारी होगी। Testing, Tracking, Isolation, Treatment और Covid appropriate behavior, इस पर लगातार बल देते रहना जरूरी है। कोरोना की इस दूसरी वेव में, अभी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में हमें बहुत ध्यान देना है। इसमें फील्ड में बिताया हुआ आप सभी का अनुभव और आपकी कुशलता ये बहुत काम आने वाली है।

हमें गांव-गांव में जागरूकता भी बढ़ानी है और उन्हें कोविड के इलाज की सुविधाओं से भी जोड़ना है। बढ़ते हुए केसों के और संसाधनों की सीमाओं के बीच, और संसाधनों की सीमाओं के बीच, लोगों की अपेक्षाओं को उचित समाधान देना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सारी चुनौतियों के बीच समाज के सबसे निचले छोर पर खड़े व्यक्ति का चेहरा ध्यान में रखते हुए हमें काम करना है। उसका कष्ट दूर हो, उसको मदद मिले हमें ऐसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना है। इस बहुत बड़े वर्ग तक जब प्रशासन का एक भी व्यक्ति पहुंचता है। या उससे संपर्क करता है। उसकी बात सुनता है। तो उससे बहुत बड़ा विश्वास जगता है। बीमारी से लड़ने की उसकी ताक़त कई गुना बढ़ जाती है। जैसे हम देखते है जब होम isolation में रह रहे परिवार के पास प्रशासन के लोग oximeter लेकर जाते है, दवाएं लेकर जाते है तो उसकी खोज खबर लेते है तो उस परिवार को संबल मिलता है कि हम अकेले नहीं हैं।

साथियों,

कोविड के अलावा आपको अपने जिले के हर एक नागरिक की ‘Ease of Living’ का भी ध्यान रखना है। हमें संक्रमण को भी रोकना है और दैनिक जीवन से जुड़ी ज़रूरी सप्लाई को भी बेरोकटोक चलाना है। इसलिए स्थानीय स्तर पर कंटेनमेंट के लिए लिए जो भी गाइडलाइंस जारी की गई हैं, लिए जो भी guidelines जारी की गई है। उनका पालन कराते समय इस पर भी गौर करना है कि गरीब को परेशानी कम से कम हो। किसी भी नागरिक को परेशानी न हो।

साथियों,

पीएम केयर्स के माध्यम से देश के हर जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट्स लगाने पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। कई अस्पतालों में ये प्लांट काम करना शुरु भी कर चुके हैं। जैसे अभी चंडीगढ़ को हमने सुना। कितना benefit हुआ उनको। और इसलिए आपसे मेरा आग्रह है कि जिस भी जिलों को ये प्लांट allot होने वाले हैं वहां हर जरूरी तैयारी पहले से पूरी होने पर ऑक्सीजन प्लांट और तेजी से सेटअप हो पाएंगे। अस्पतालों में आक्सीजन मॉनीटरिंग कमिटी जितना सही काम करेगी उतना ही ऑक्सीजन का सही इस्तेमाल हो पाएगा।

साथियों,

टीकाकरण कोविड से लड़ाई का एक सशक्त माध्यम है। इसलिए इससे जुड़े हर भ्रम को हमें मिलकर के उसको निरस्त करना है। कोरोना के टीके की सप्लाई को बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वैक्सीनेशन को लेकर व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं को हेल्थ मिनिस्ट्री लगातार स्ट्रीमलाइन कर रही है। कोशिश ये है कि अगले 15 दिन का शिड्यूल राज्यों को advance में मिल जाए। इससे आपको भी पता रहेगा कि जिले में कितने लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने जा रही है और आपको किस हिसाब से तैयारी करनी है। वैक्सीन वेस्टेज रोकने में जिला स्तर पर सही प्रबंधन की भूमिका के बारे में भी आप अच्छी तरह जानते हैं। आपके सहयोग से वैक्सीन वेस्टेज पूरी तरह रुक सकती है। इतना ही नहीं optimum utilization की दिशा में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकते हैं।

साथियों,

ये समय एक प्रशासक के साथ ही एक ह्यूमेन रिसोर्स और लॉजिस्टिक्स मैनेजर के रूप में भी आपकी भूमिका को टेस्ट कर रहा है। मेडिकल से जुड़ी सप्लाई ही नहीं बल बल्कि आपके जिले में दूसरी जरूरी सप्लाई भी पर्याप्त हो, आपके जिले में दूसरी जरूरी सप्लाई भी पर्याप्त हो। ये बहुत ज़रूरी है। बरसात के मौसम से हम सब जानते हैं। कि आप जो रोजमर्रा सरकार के कामों में जुड़े होते हैं लेकिन जैसे ही जून महीना सामने आना शुरू होता है। आपका ध्यान मौसम, बारिश क्या हो सकता है, क्या करूं, उसमें जाता ही है। काफी आपको attention देना पड़ता है। और इस बार भी बारिश अब शुरू होने जा रही है। तो स्वाभाविक आपको बरसात के मौसम की जो चुनौतियां हैं। जो extra आपके लिए burden भी होती हैं। जिम्मेवारी भी होती हैं। और इसलिए आपको बहुत तेज़ी से अपनी ज़रूरतों को मैप करना है और ज़रूरी प्रबंध करना है। अब कई बार तेज बारिश के कारण बिजली चली जाती है। और कहीं अस्पताल में बिजली चली गई तो बहुत बड़ा संकट हो जाएगा ऐसे समय। तो ये चीजें हमको अभी से सोचनी पड़ेगीं। चुनौती बड़ी है लेकिन हमारा हौसला उससे भी बड़ा है, और हमारा response न भूतों न भविष्यती …ऐसा होना ही चाहिये। इसी हौसले और संकल्न के साथ, इसी इरादे और संकल्प के साथ हम देश को इस संकट से बाहर निकालेंगे। अभी कोरोना के खिलाफ आपको जो अनुभव मिलेंगे, वो भविष्य में भी आपके भी और देश के भी बहुत काम आने वाले हैं। इन अनुभवों का सही इस्तेमाल करके आप आगे भी देश की बड़ी सेवा कर सकते हैं। मुझे विश्वास है। कि आपके सहयोग से, आपके कुशल नेतृत्व से, आपके कुशल प्रबंधन से भारत कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में मजबूती से आगे बढ़ेगा। मुझे खुशी है कि आज जो जो राज्य इस मीटिंग में हैं उनके सभी माननीय मुख्यमंत्रियों भी समय निकाला। जब कार्यक्रम की रचना कर रहे थे, तब लग रहा था कि मुख्यमंत्रियों का समय इसमें व्यस्त करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जिले के लोगों से बात करना वो तो जानते ही थे। लेकिन फिर भी इस विषय के प्रति गंभीरता को लेकर के मुख्यमंत्री भी इसमें जुड़े हैं। ये बहुत ही स्वागत योग्य है। मैं सभी आदरणीय मुख्यमंत्रियों का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। और मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आपकी जिले की सारी टीमें एक विश्वास के साथ, संकल्प के साथ एक-एक गांव को कोरोना से बचाना है। इस मंत्र को लेकर के आप आगे बढ़ें। और तेजी से रिकवरी रेट बढ़े, तेजी से negative केसों की संख्या बढ़ें, तेजी से टेस्ट ज्यादा हों। इन सभी बातों पर बल देते हुए हम सफलता कि दिशा में एक भी प्रयास न छोड़ें, एक भी प्रयोग न छोड़ें। मुझे विश्वास है कि जो आपसे सुना है उसमे एक आत्मविश्वास भी है। अनुभव भी है। नए नए तौर-तरीके भी हैं। ये सारी चीजें अपने-आपमे बहुत बड़ा विश्वास पैदा करती हैं। मैं फिर एक बार आप सब का बहुत –बहुत धन्यवाद करता हूं। और बहुत बड़ा काम है। Field में रहना है, आपके स्वास्थ्य का भी जरूर ख्याल रखिये। अपने परिवारजनों के स्वास्थ्य का ख्याल रखिये। और आप जिस क्षेत्र को संभाल रहे हैं। वहां के एक – एक नागरिक के स्वास्थ्य को बनाये रखने में आपका नेतृत्व काम आए, इसी अपेक्षा के साथ मुझे विश्वास है कि आपके सहयोग से, बहुत बहुत धन्यवाद, बहुत बहुत शुभकामनाएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *