पटना, 8 जून 2021: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लॉकडाउन खत्म करने की घोषणा के बाद गृह विभाग ने गाइडलाइन जारी किया है।

गाइडलाइन में कहा गया है कि कोरोना वायरस जनित महामारी की दूसरी लहर से देश के अनेक राज्यों सहित बिहार में भी कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि पाये जाने पर राज्य सरकार द्वारा अप्रैल माह में कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चरणबद्ध तरीके से आंशिक प्रतिबंध लगाए गए। इसी क्रम में 5 मई 2021 से 8 जून 2021 तक चार चरणों में राज्य सरकार के सभी कार्यालयों को बंद रखते हुए सभी प्रकार के वाहनों एवं व्यक्तियों के आवागमन, सार्वजनिक स्थलों एवं समारोहों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये गये। इन प्रतिबंधों के फलस्वरूप राज्य में कोरोना संक्रमण की दर एवं प्रभाव में आशानुकूल सुधार हुआ है। वर्तमान में राज्य में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 10,000 के नीचे आ गई है।

“राज्य सरकार द्वारा लगाये गये इन पूर्ण प्रतिबंधों के पश्चात् यद्यपि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता मिली है, किन्तु वर्तमान स्थिति में प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाया जाना घातक हो सकता है। अतएव व्यक्तियों / वाहनों के आवागमन कार्यालयों एवं दुकानों / प्रतिष्ठानों को खोलने तथा सामाजिक एवं अन्य कार्यक्रमों / समागम के संबंध में लगाए गए प्रतिबंधों को चरणबद्ध रूप से शिथिल करने की आवश्यकता है,” गाइडलाइन में कहा गया है।

क्या खुला, क्या नहीं

1) सभी सरकारी कार्यालय और गैर सरकारी कार्यालय में 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ 4 बजे शाम तक खुलेंगे। सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों का प्रवेश वर्जित होगा। अपवाद :- आवश्यक सेवाओं यथा- जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, पशुस्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से संबंधित कार्यालय, कोषागार एवं उनसे सम्बन्धित वित्त विभाग के कार्यालय, खाद्यान्न की अधिप्राप्ति से संबंधित कार्यालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अत्यावश्यक गतिविधियों से संबंधित कार्यालय यथावत् कार्य करेंगे।

न्यायिक प्रशासन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावी होगा।

2) सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान एक दिन बीच कर ( alternate days) प्रातः 06.00 से 05.00 बजे अपराह्न तक खुल सकेंगे। जिला पदाधिकारी इस संबंध में आदेश निर्गत करेंगे।

अपवाद :

(क) बैंकिंग, बीमा, एवं ए.टी.एम. संचालन से संबंधित प्रतिष्ठान, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कार्यालय / गतिविधियाँ ।

(ख) औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से संबंधित प्रतिष्ठान । (ग) सभी प्रकार के निर्माण कार्य (Construction Works) |

(घ) E-commerce से जुड़ी सारी गतिविधियाँ एवं कुरियर सेवायें ।

(ङ) कृषि एवं इससे जुड़े कार्य।

(च) प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया |

(छ) टेलीकम्यूनिकेशन, इंटरनेट सेवाएँ, ब्रॉडकास्टिंग एवं केबल सेवाओं से संबंधित गतिविधियाँ |

(ज) पेट्रोल पम्प, एल.पी.जी., पेट्रोलियम आदि से संबंधित खुदरा एवं भण्डारण प्रतिष्ठान ।

(झ) कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएँ ।

(ञ) निजी सुरक्षा सेवाएँ ।

(ट) ठेला पर फल एवं सब्जी की घूम घूमकर बिक्री ।

(ठ) उर्वरक, बीज, कीटनाशक और कृषि यंत्रों से संबंधित प्रतिष्ठान/दुकानें, आवश्यक खाद्य सामग्री तथा फल एवंसब्जी / मांस-मछली / दुध / पी०डी०एस० की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 6.00 बजे से 05.00 बजे अपराह्न तक खुलेंगी। उपरोक्त फल एवं सब्जी की दुकानों को जिला पदाधिकारी scatter करेंगे, जिससे एक ही स्थान पर दुकानें न रहें और भीड़ न हो ।

दुकानों/प्रतिष्ठानों का संचालन निम्नलिखित शर्तों के साथ किया जाएगा:

* दुकानों/प्रतिष्ठानों में सभी के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

* दुकानों/प्रतिष्ठानों के काउंटर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों उपयोग हेतु सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।

* दुकान एवं प्रतिष्ठान परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मानकों (2 गज की दूरी) का अनुपालन किया जाएगा, जिसके लिए सफेद वृत चिन्हित किए जाएंगे। उपर्युक्त शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

3) अस्पताल एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्य प्रतिष्ठान (पशु स्वास्थ्य सहित), उनके निर्माण एवं वितरण इकाईयां- सरकारी एवं निजी, दवा दुकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित प्रतिष्ठान यथावत कार्य करेंगे।

4) सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के मात्र 50 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति रहेगी।

5) सभी स्कूल / कॉलेज / कोचिंग संस्थान / ट्रेनिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इस अवधि में राज्य सरकार के विद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएँ नही ली जाएँगी। ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था की जा सकेगी।

6) रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानों का संचालन केवल होम डिलीवरी के लिए प्रातः 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक अनुमान्य होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित ढाबे take home के आधार पर कार्यरत रह सकते हैं। आवासीय होटलों में अतिथि के लिए In-room Dining अनुमान्य होगा।

7) सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए बंद रहेंगे।

8) सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक मनोरंजन, खेल कूद, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन, समारोह प्रतिबंधित होंगे।

9) सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क एवं उद्यान पूरी तरह बंद रहेंगे।

10) सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजन सरकारी एवं निजी पर रोक रहेगी।

11) विवाह समारोह अधिकतम 20 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ ही आयोजित किए जा सकेंगे, किन्तु इनमें डीजे एवं बारात जुलस पर प्रतिबंध रहेगा।  स्थानीय थाने को कम-से-कम 03 दिन पहले सूचना देनी होगी। श्राद्ध कार्यक्रम के लिए 20 व्यक्तियों की अधिसीमा रहेगी।

12) राज्य में संध्या 7 बजे से प्रातः 5 बजे तक Night curfew लागू रहेगा। उक्त अवधि में निम्न अनुमान्य होंगे :

 * स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में संलग्न वाहन एवं स्वास्थ्य प्रयोजनार्थ प्रयुक्त निजी वाहन।

* अनुमान्य कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन, वन प्रबंधन में संलग्न वाहन।

 * वैसे निजी वाहन जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा किसी विशेष कार्य हेतु ई-पास निर्गत है।

* सभी प्रकार के मालवाहक वाहन।

* वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई जहाज / ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हों और उनके पास टिकट हो।

* कर्त्तव्य पर जाने हेतु सरकारी सेवकों एवं अन्य आवश्यक अनुमान्य सेवाओं के निजी वाहन।

* अंतर्राज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन।

13) निजी वाहनों के परिचालन तथा पैदल आवागमन पर (Night curfew की अवधि को छोड़कर) कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

14) सार्वजनिक एवं निजी वाहनों में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा इनका पालन नहीं करने पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों की समीक्षा कर उपर्युक्त प्रतिबंधों के अतिरिक्त एवं अधिक सख्त प्रतिबंध लगा सकेंगे, किन्तु किसी भी परिस्थिति में उपर्युक्त प्रतिबंधों को शिथिल नहीं किया जा सकेगा।

सभी जिला पदाधिकारी उपर्युक्त कंडिकाओं में वर्णित आदेशों के अनुपालन हेतु दं०प्र०सं० की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा निर्गत करेंगे ।

उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 एवं भा.द.वि. की धारा 188 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।