पुणे ,10/07/2021:पुणे स्थित घोरपड़ी कोचिंग कॉम्प्लेक्स में एक पुराने तथा अनुपयोगी हो चुके पेंट्रीकार को पूरी तरह से नया रूप देकर रेल कर्मचारियों के लिए कैंटीन सुविधा वाले कोच में परिवर्तित करने का अनूठा कार्य किया गया है। इसमें स्टॉफ को नाश्ता, चाय, तथा भोजन की सुविधा उपलब्ध की गई है। इस सुविधा का उद्घाटन मध्य रेल के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर ए. के. गुप्ता के हाथों एवम मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रेणु शर्मा की प्रमुख उपस्थिति में किया गया। श्री गुप्ता ने कोचिंग कॉम्प्लेक्स में विभिन्न मेंटेनेंस संबंधी कार्यों का व्यापक निरीक्षण किया I उन्होंने यहां बनाए जा रहे हैं ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट का भी निरीक्षण किया तथा झेलम एक्सप्रेस के पूरे रैक के नियमित मेंटेनेंस कामों का जायजा लिया I
इसके अलावा उन्होंने सिक लाइन पर रेल डिब्बों की इंटरमीडिएट ओवर हालिंग स्थिति का भी गहन निरीक्षण किया। श्री गुप्ता ने डिपो को स्क्रैप फ्री करने पर सभी की सराहना की तथा स्टाफ को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमारा मुख्य ध्यान सेफ्टी, यात्री सुविधाओं , और नित नए अभिनव उपायों पर होना चाहिए। उन्होंने किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक प्रकाश उपाध्याय, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर विजयसिंह दडस सहित पुणे मंडल के कई अधिकारी उपस्थित थे I
अनुपयोगी पेंट्रीकार कोच को कैंटीन सुविधा के रूप में विकसित करने के बारे में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर विजय कुमार दडस ने जानकारी देते हुए बताया कि पुराने पेंट्रीकार के सभी मौजूदा कम्पार्टमेंट को हटाकर इसकी पुनर्व्यवस्था इस तरह से की गई है कि एक समय में लगभग 36 कर्मचारी कैंटीन सुविधा का लाभ ले सकते है तथा कोच का नाम *अन्नपूर्णा* रखा गया है जो सटीक हैI भंडारण की सुविधा भी इस पुनर्सज्जित कोच में उपलब्ध है l कोचिंग कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध वस्तुओं का उपयोग कर इसे बहुत ही सुंदर तरीके से तैयार किया गया है जो रेल कर्मचारियों के मेहनत का परिणाम है तथा सेल्फी खींचने हेतु निश्चित ही आकर्षण का केंद्र भी है I स्वास्थ्य ही धन है यह आज की आदर्श जीवन शैली है I कर्मचारियों में स्वास्थ्य बाबत जागरूकता फैलाने के लिए इस कैंटीन में कई पोस्टर्स प्रदर्शित किए गए है जो स्वस्थ जीवन शैली के लिए आहार और व्यायाम की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैI