असामाजिक शरारती तत्वों के अशोभनीय कारनामों सजा मासूम निर्दोष लोगों को मिल सकती है इसका अंदाजा इसीबात से लगता है, जिसमें उनके द्वारा ट्रेनों को गिराने का जघन्य प्रयास  यात्रियों की जान  ले सकता था। ऐसी ही कुछ घटनाएंपुणे मंडल में हुई हैं, जिन्हें समय पर लोको पायलट तथा रेलवे कर्मचारियों की सूझबूझ एवम् सतर्कता से टाला जा सका।

पिछले अप्रैल एवम् मई महीने में रुकड़ी हतकलंगले स्टेशनों के बीच दो अलग अलग लोकेशनों में अज्ञात शरारती तत्वों ने ट्रेकपर लोहे का बड़ा टुकड़ा रख कर ट्रेनों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था । ये दोनों ही घटनाएं  सूने इलाके में रची गई। लोकोपायलट की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई ।

अभी हाल ही में तलेगांव कामशेत सेक्शन में अज्ञात शरारती तत्त्वो ने  ट्रेक पर लोहे का बड़ा टुकड़ा रख कर वहां से गुजरने वालीहैदराबाद मुंबई एक्सप्रेस को निशाना बनाकर गिराने का असफल प्रयास किया, लोको पायलट की नजर में आने पर उन्होंने गाड़ीको आपातकालीन ब्रेक लगाकर अवरोध से पहले गाड़ी  खड़ी की, और अवरोधित वस्तु को हटाकर बड़ी रेल दुर्घटना को होने सेबचाया गया।

इसी तरह की एक घटना पिछले दिसंबर में देहूरोड़ स्टेशन के नजदीक घटी। जहां एक रेल की पटरी का टुकड़ा ट्रेक पर रखा गया थाऔर वह पुणे लोनावला लोकल के इंजन से टकराया और साइड में गिर गया। खुशकिस्मती से कोई दुर्घटना नहीं हुई।

एक अन्य घटनाक्रम में, पिछले अक्टूबर महीने में नंद्रे-सांगली सेक्शन में जब गाड़ी संख्या 12136 वहां से पास हो रही थी उसगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेक पर 20 से ज़्यादा लोहे की छड़ें  रखी देखी। उन्होंने तुरंत ही गाड़ी को रोका और उन अवरोधितवस्तुओं को वहां से हटाया, तब गाड़ी चलाई गयी ।यह भी शरारती तत्वों की किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।इसकीFIR दर्ज की गई है पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

इसके अलावा एक अन्य मामला भी रेल प्रशासन के सामने आया है। 2दिसम्बर 2018को अदरकी वठार स्टेशनों के बीच कुछबच्चों ने रेल ट्रेक पर पटरियों के गैप में लोहे की प्लेट फंसाकर रख दी। उसी दौरान वहां से एक पैसेंजर ट्रेन 51409 लगभग50 किलोमीटर की रफ्तार से गुजर रही थी। इस प्लेट से टकराकर गाड़ी के इंजन के अगले 6 पहिए पटरी से उतर गए औरज़मीन में धंस गए।स्पीड कम होने से सौभाग्यवश कोई अनहोनी नहीं हुई। इस घटना की भी रिपोर्ट पुलिस में की गई थी,जिस पर आगे चल कर कोर्ट ने बच्चों को दोषी पाया तथा नाबालिग बच्चों के पालकों से वचनपत्र लिखकर ज़िम्मेदारी तय कीगई थी।

बार बार इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। शरारती तत्वों की धरपकड़ के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।  पुलिस कीपड़ताल, विवेचना जारी है।

रेल प्रशासन ऐसे तत्वों को आगाह कर देना चाहता है कि वे कोई ऐसा दुस्साहस न  करें जिससे जानमाल या रेल संपत्ति को कोईनुकसान हो। तोड़फोड़, साजिश करने तथा उसमें लिप्त पाए जाने पर  उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की  विभिन्न धाराओं केअंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी जिसके तहत उन्हें आजीवन कैद की सजा हो सकती है। आम जनता से भी रेल प्रशासन यहअपील करता है  कि ऐसे तत्वों का या घटना को रूप देने वालों के बारे  पता चलने पर  नजदीक के स्टेशन तथा पुलिस थाने कोसूचित करें। आपसे सहयोग की अपेक्षा की जाती है।