जयपुर, 17 जून। मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित प्रकरणों का एक सप्ताह में निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना की संशोधित गाइड़ लाइन के अनुसार योजना के दायरे में आने वाले सभी किसानों के आवेदन 30 जून तक पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करावें।
श्री गुप्ता सोमवार को शासन सचिवालय मेें विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलक्टरों के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पात्र  किसानो को जागरूक किया जाए, इसके उन्होंने जिले में हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज जैसी संस्थाओेंं को भी शामिल करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम किसान योजना में जहां पहले सीमांत एवं लघु किसान ही पात्र थे लेकिन केंद्र सरकार की संशोधित गाइड लाइन के अनुसार सीमांत एवं लघु किसानों के साथ वृहद किसानों को भी शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आंकलन के अनुसार राज्य के लगभग 55 लाख किसान पीएम किसान योजना के लिए पात्र है। जिसमें से 38.10 लाख किसानों के आवेदन प्राप्त हो गए हेै। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष 17 लाख किसानों के आवेदन  प्राप्त कर योजना का क्रियान्वयन पूर्ण करें।
श्री गुप्ता ने कहा कि 34.50 लाख किसानों के आवेदन पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड किये जा चुके है जिसमें से 19.34 लाख आवेदनों का पटवारियों द्वारा सत्यापन कर लिया गया हेै। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष लगभग 19 लाख आवेदनों का पटवारी के स्तर पर शीघ्र सत्यापन करवाएं।उन्होंने निर्देश दिए कि तहसीलदार एवं जिला कलक्टर स्तर पर लंबित शेष आवेदनों का भी एक सप्ताह में सत्यापन करें। इसके अतिरिक्त नए 17 लाख किसानों से भी जून अंत तक आवेदन प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि केन्द्र  सरकार के द्वारा पीएम किसान योजना के लिए राजस्थान द्वारा अपनाए  गए मॉडल की पर््रशंसा की गई है तथा अन्य राज्यों  को भी राजस्थान द्वारा अपनाए गए पोर्टल के मॉडल को लागू करने का सुझाव केन्द्र ने दिया है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर स्व घोषणा पत्र के आधार पर जमाबंदी से अपना पंजीकरण करा  सकता है। श्री कुमार ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आयकर किसान, सरकारी कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि को योजना से बाहर रखा गया है। उन्हाेंंने कहा कि भारत सरकार से इस संबंध मेें बात की जा रही है कि पटवारी द्वारा सत्यापित आवेदन सीधे ही भारत सरकार को भेजे जा सके ताकि पात्र किसानों को शीघ्र लाभ मिल सके।
रजिस्ट्रार, सहकारिता ने राज्य में पीएम किसान योजना मेंं धीमी प्रगति वाले जिलों यथा अजमेर, जयपुर, बारां, सिरोही, अलवर, पाली, बाड़मेर के बारे में मुख्य सचिव को अवगत कराया, जिस पर मुख्य सचिव ने संबंधित जिला कलक्टरों से योजना की धीमी प्रगति पर चिंता जाहिर करते हुए एक सप्ताह में लम्बित प्रकरणों  के निस्तारण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य की 116 तहसील ऑनलाइन हो चुकी है। वीडियों कॉफ्रेसिंग में भीलवाड़ा जिले द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने पर मुख्य सचिव ने जिला कलक्टर की प्रशंसा की।
रजिस्ट्रार, सहकारिता एवं पीएम किसान योजना के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. नीरज के. पवन ने योजना के एजेण्डे को सभी के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों को पात्र श्रेणी में नहीं माना गया था ऎसे आवेदनों को नई संशोधित गाइड लाइन के अनुसार पुनः भेजा जाएगा ताकि पात्र किसानों को लाभ मिल सके।
वीडियों कॉफ्रेंसिंग के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि श्री पवन कुमार गोयल, प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार, आयुक्त, सूचना एवं प्रौद्योगिकी श्री अम्बरीष कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।