– कई खूंखार अपराधियों को पहुंचा चुके हैं सलाखों के पीछे

अगर आप फिल्मों के शौक़ीन हैं तो आपने सिंघम ज़रूर देखी होगी, इस फिल्म में जिस तरह अजय देवगन गुंडों की धुलाई करते हैं, कुछ वैसा ही नज़ारा पुणे पुलिस के शैलेश जगताप पेश करते आ रहे हैं। हालांकि ये बात अलग है कि जगताप के एक्शन सीन कानून के दायरे में होते हैं। क्राइम ब्रांच में बतौर हेड कांस्टेबल पदस्थ जगताप अब तक कई खतरनाक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुके हैं। निडर और दबंग अंदाज़ के चलते जगताप ने पुलिस फ़ोर्स के साथ-साथ आम जनता के बीच भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जगताप अपराधियों के लिए जितने सख्त हैं, पीड़ितों के प्रति उतने नर्म। वो उन पुलिसकर्मियों में शुमार हैं, जो पुलिस और जनता के बीच की खाई को पाटने की कोशिशों में शिद्दत से लगे हैं।    

जगताप 1991 में महाराष्ट्र पुलिस का हिस्सा बने और तब से अब तक वो कई ऐसे कारनामे कर चुके हैं, जिसने आम लोगों के दिल में पुलिस के प्रति विश्वास को और पुख्ता किया। जगताप का खबरी नेटवर्क बेहद मज़बूत है, यही वजह है कि जब बात बड़े-बड़े मामले सुलझाने की आती है तो उनके नाम पर विचार ज़रूर किया जाता है। पुलिस से नाता जगताप के लिए नया नहीं है, वो बचपन से खाकी वर्दी और उसके सम्मान की बातें सुनते आ रहे हैं। दरअसल जगताप की मां भी पुलिस विभाग का हिस्सा थीं और बतौर सहायक पुलिस निरीक्षक सेवानिवृत्त हुईं। जगताप के लिए उनकी मां ही उनकी प्रेरणा हैं। वो कहते हैं, “मां ने सिर्फ सही-गलत का अंतर ही नहीं बताया बल्कि देश और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी दी। आज मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की बदौलत हूं”। 

नाम किया रिकॉर्ड 

जगताप के नाम खतरनाक अपराधियों से 174 पिस्तौल और 400 राउंड जिंदा कारतूस जब्त करने का रिकॉर्ड है। पुलिस फ़ोर्स में अब तक यह कारनामा कोई और नहीं कर सका है। इसके अलावा उन्होंने कोकीन, एलएसडी, क्रिस्टल मेथैम्फेटामाइन, एक्स्टसी गोलियों जैसे प्रतिबंधित नशीले पदार्थ भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत बाज़ार में एक करोड़ के आसपास है। हाल ही में जगताप ने तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करने में अहम् भूमिका निभाई थी। जिसके तहत पुलिस ने 2 करोड़ मूल्य के सांप जब्त किए थे। इसके अलावा ड्रग रैकेट से जुड़े चार नाइजीरियाई अपराधियों को भी उन्होंने गिरफ्तार किया था।    

नहीं की गोलियों की परवाह 

कुछ वक़्त पहले एक कार्रवाई के दौरान अपराधियों ने उन पर गोलियां चलाई थीं, लेकिन जगताप ने इसकी परवाह किए बिना उन्हें माकूल जवाब दिया। जगताप उस वक़्त भी सुर्ख़ियों में आए थे जब उन्होंने फर्जी तरीके से गाड़ी पर लाल बत्ती लगाकर रुबाब झाड़ने वाले को गिरफ्तार किया था। वो अब तक हत्या, वाहन चोरी और तस्करी में शामिल कई अपराधियों के साथ-साथ भगौड़े अपराधियों को भी उनकी सही जगह पहुंचा चुके हैं। और संगठित अपराध की लगातार कमर तोड़ रहे हैं। 

वरिष्ठों ने बढ़ाई हिम्मत 

जगताप अपनी कामयाबियों के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को धन्यवाद देना नहीं भूलते। वो कहते हैं, वरिष्ठ अधिकारियों ने मेरा हर कदम पर साथ दिया, उनके सहयोग के बिना कुछ भी मुमकिन नहीं था। वे मुझे हमेशा अच्छे काम के लिए प्रेरित करते हैं और आगे बढ़ने की हिम्मत देते हैं।